हिंदी रेमिंगटन गेल पाठ 36: वैचारिक, साहित्यिक एवं निबंधात्मक गद्यांश
गंभीर वैचारिक निबंधों की भाषा को बिना रुके लंबे समय तक टाइप करने का अभ्यास करना।
इस पाठ की विधि
लंबे अनुच्छेदों में श्वास और उँगलियों की लय एकसमान रखें।
लक्ष्य कुंजियाँ: v · k · ' · o · n · h · Space · e · u · q · Shift+' · ; · a · / · d · j · s · Shift+h · Shift+i · f · . · [ · t · y · r · g · Shift+s · Shift+1 · Shift+b · b · Shift+w · Shift+r · Shift+o · Shift+d · x · Shift+z · ] · i · Shift+f · l · m · Shift+u · c · Shift+p · p · Shift+x · , · = · Shift+l · Shift+v · z · Shift+k · Shift+c · `
इस पाठ में पहले सीखी हुई कुंजियों को मिलाकर अभ्यास करें।
शब्द-समूह कुंजी अभ्यास के लिए हैं। अनुच्छेदों के प्रसंग शैक्षणिक उदाहरण हैं, समाचार या तथ्यात्मक रिपोर्ट नहीं।
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दौर 1 — आसान अभ्यास
00:00पहली वास्तविक प्रविष्टि से समय शुरू होगा। पूरा पाठ सही लिखें और कम-से-कम 95% शुद्धता रखें।
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तीनों दौर का पूरा अभ्यास-पाठ पढ़ें
दौर 1: कर्मशीलता और आशावाद (आसान)
आशावादी मनुष्य अंधकार में भी प्रकाश की किरण खोज लेता है। कठिनाइयाँ तो प्रत्येक व्यक्ति के मार्ग में आती हैं, किंतु धैर्य और पुरुषार्थ से उन्हें अवसर में बदला जा सकता है।
दौर 2: चरित्र निर्माण और शिक्षा (मिश्रित)
सच्ची शिक्षा वही है जो मनुष्य को केवल आजीविका के योग्य ही न बनाए, अपितु उसके हृदय में सत्य, न्याय, करुणा और सेवा के संस्कार भी जागृत करे।
दौर 3: भाषा और राष्ट्रीय चेतना (चुनौती)
किसी भी राष्ट्र की उन्नति में उसकी अपनी भाषा का केंद्रीय स्थान होता है। जब ज्ञान, विज्ञान और तकनीक जनसामान्य की भाषा में उपलब्ध होते हैं, तब समाज का समग्र विकास तेज़ी से होता है।